Friday, 17 April 2026

कसूर उनका नहीं


जाने दो कसूर उनका नहीं

ये दिल हमारा 

बाहर से कहाँ दिखता है

किसी चमन में लगा गुलाब नहीं है

जो नज़र-ए-इनायत हो जाता।

                            -रुचि शुक्ला

                                

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