Thursday, 29 July 2021

किसी ने शिद्दत से पसीना बहाया होगा

 


यूँ धान से बिरयानी नहीं बनती

किसी ने शिद्दत से पसीना बहाया होगा

माया हाथों की कहने वालों

तजुर्बे ने कुछ तो कमाल दिखाया होगा

                                -रुचि शुक्ला

सीरा बनाने का तजुर्बा तो लेने दो

 


पका के खीर कब-तलक खिलाओगे

सीरा बनाने का तजुर्बा तो लेने दो

सब ठीक करने से बेहतर है

कुछ उन्हें खुद भी सुधरने दो....

                          -रुचि शुक्ला  

कुछ भूल भी जाना बेहतरी के लिये

सब कुछ याद रखना ये जरूरी नहीं

कुछ भूल भी जाना बेहतरी के लिये

इन यादों में कुछ गुदगुदी और तज़ुर्बे रहें

यही काफी है ज़िंदगी के लिये......

                          रुचि शुक्ला...


जो अलग हो गए तो कैसी झड़प

ये नज़दीकियाँ तब तलक मुनासिब समझ जो गिरह खोलने की गुंजाइश रहे रूठना मनाना सब ठीक है पर बात करने की गुंजाइश रहे ये तकरार साथ रहने तक हैं जो अल...