Sunday, 26 March 2023

चंद कागज़, यूँ रिस्ते नहीं बदलते


 

हमारे आने की उनको खुशी न थी

उनके जाने का गम न बाकी बचा

यही वक्त था जब हम ज़ुदा हुए

वरना चंद कागज़, 

यूँ  रिश्ते नहीं बदलते।

                          - रुचि शुक्ला



जो अलग हो गए तो कैसी झड़प

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