आसमां का पार नहीं।
यकीं करो मन से बेहतर,
इनका भी विस्तार नहीं।
- रुचि शुक्ला
Jan 2019
जिंदगी में ख़ुशी है पर
गमों की कमी भी नहीं
गम को छुपा लो आँखों में
दुनिया में ख़ुशी की कमी भी नहीं
- रुचि शुक्ला
dec 1997
कर्मों के हक़दार सुनो
कर्मों के तुम पार चलो
माया के जंजालों को
थोड़ा-थोड़ा पार करो ।
- रुचि शुक्ला
Sep 2021
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