Wednesday, 8 April 2026

उम्र गुज़र गई


 हम ख़फा-ख़फा से हैं

ये इल्म तो था उसको

न हमने कभी बयाँ किया

न ज़िक्र उसने ही किया कभी

बात युहीं होती रही

और उम्र गुज़र गई...

                  -रुचि शुक्ला


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