Saturday, 22 April 2023

महीनों गुजर गए कोई Sunday नहीं आया


 महीनों गुजर गए कोई Sunday नहीं आया...

शायद दफ्तरों में अब छुट्टी नहीं होती

टूटी कुर्सियाँ भी जंग खा रही हैं

सूने घरों की गूँज यूँ दीवारों में कैद है....

                          - रुचि शुक्ला

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