Friday, 11 September 2020

मैं, कुछ और निखर गई

 


ऐ ज़िन्दगी तेरी;

आज़माइश से,

मैं सवंर गई 

है शुक्रिया तेरा;

कि आज मैं,

कुछ और निखर गई।
         
                    - रुचि शुक्ला

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