बैंक लूट कर राणा देखो पहुँच गया ससुराल ......2
सीता मैया रुपिया देखें, उड़ गए सर के बाल
जोगीरा सा रा रा रा रा.....
कच्छा खुद का फ़टा हुआ है धोती उनकी बाँधें
यसबैंक को थाम रहे देश के वो दीवाने
जोगीरा सा रा रा रा रा.........
ताल देश में मचा हुआ कैसा ये संग्राम
कमल नाथ से कमल चुरा के, भाग गया महाराज
जोगीरा सा रा रा रा रा..........
मेरी बिसरी छोड़ कहानी अपनी बिसरी जान
कुर्ता तेरा फटा हुआ है, खिसक रही सलवार
जोगीरा सा रा रा रा रा.........
No comments:
Post a Comment